गेमिंग कंपनी कैसे बनाए | Garena जैसी कंपनी कैसे बनाए ?

Gaming company kaise banaye

अगर आप एक बैटल रॉयल प्लेयर है या फिर आपने कभी बैटल रॉयल गेम्स खेली है तो आपको कभी न कभी यह सवाल तो आया ही होगा की क्या हम ऐसी गेम नही बना सकते? या फिर हम गेमिंग कंपनी कैसे बनाए? आप एक बैटल रॉयल प्लेयर है या नही लेकिन आपको यह जरूर पता होना चाहिए की कैसे हम बड़ी बड़ी बैटल रॉयल कंपनी की तरह अपनी खुद की गेमिंग कंपनी बना सकते है। और इसके इसके लिए हमे क्या क्या करना पड़ेगा। 

अगर आप का इंटरेस्ट गेमिंग है और आप चाहते है की आपकी भी कोई गेमिंग कंपनी हो तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़े। हमने इसमें गेमिंग कंपनी बनाने में क्या क्या जरूरत होगी या आपको क्या करना होगा इसकी पूरी जानकारी दी है। 

गेमिंग कंपनी कैसे बनाए या शुरू करे

Gaming company kaise banaye
Gaming company kaise banaye

वैसे गेम खेलना लगभग सभी एज ग्रुप को पसंद है। एक समय होता था जब ट्रिपल नाइन इन वन वाले वीडियो गेम आते थे और 2000 के पहले जन्मे बच्चे उसी में उलझे रहते थे। फिर आया सुपर मारियो और BGMI, Free Fire Max, Call Of Duty जैसे जबरदस्त गेम ने दुनिया भर में लोगों को अपना दीवाना बना रखा है। इंडिया में इंटरनेट के बढ़ते यूज़ और एडवांस होती टेक्नोलॉजी के चलते गेम खेलने का एक्सपीरियंस बहुत अच्छा होता जा रहा है।

इसीलिए ऑनलाइन गेमिंग का बिजनेस एक प्रॉफिटेबल बिजनेस मॉडल बनता जा रहा है। आज इस पोस्ट में हम जानेंगे के गेमिंग कंपनी आप कैसे खोल सकते हैं।

इंडियन गेमिंग इंडस्ट्री की बात करें तो इंटरनेट एंड मोबाइल असोसिएशन ऑफ इंडिया यानी IAMAI के डेटा के हिसाब से फिलहाल इंडियन गेमिंग इंडस्ट्री का मार्केट लगभग 1.8 बिलियन डॉलर है जो 2025 तक 6 से 7 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। 2019 से 2020 मे गेमिंग इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट 40% तक की थी और ये OTT टेलीविज़न और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी आगे है। आज भी गेमिंग फ्री क्लाउड कंप्यूटिंग पर बेस्ड है, जहां पर सबकुछ कंपनी के सर्वर पर होता है। DVD लगाकर गेम खेलने के दिन जा चुके हैं। इंटरनेट पर अब आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठे प्लेयर के साथ गेम खेल सकते हैं।

PUBG और Free Fire जैसे गेम्स क्लाउड गेमिंग की कैटिगरी में आते हैं। अब बात करते हैं गेमिंग कंपनी शुरू करने की…

गेमिंग कंपनी बनाने के लिए सबसे पहले क्या करे

गेमिंग कंपनी कैसे बनाये या शुरू करने से पहले कंपनी रजिस्टर करवानी पड़ेगी। इसके लिए आप प्रोपराइटरशिप फर्म, पार्टनरशिप फर्म, लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप यानि की LLP, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या पब्लिक लिमिटेड कंपनी का ऑप्शन चुन सकते हैं।

अगर गेमिंग कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हिसाब से रजिस्टर करवाएंगे तो मिनिमम दो शेयर होल्डर और दो डायरेक्टर की जरूरत पड़ेगी।

अगर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को अकेले अपने नाम पर ही रजिस्टर करवाने की सोच रहे हैं तो आपको वन पर्सन कंपनी के तौर पे रजिस्टर करवानी पड़ेगी और एक नॉमिनी भी रखना पड़ेगा। प्राइवेट लिमिटेड कंपनी होने पर जिन चीजों की जरुरत पड़ेगी, वो है कम से कम दो मेंबर्स, दो शेयर होल्डर्स, कंपनी का नाम जो किसी से मिलता जुलता या सेम न हो। कंपनी का एड्रैस, शेयर कैपिटल, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाने पर कंपनी के अकाउंट में कम से कम ₹1 लाख का कैपिटल होना चाहिए।

शेयर कैपिटल मेंबर्स में जिस हिसाब से बटा हुआ होगा, वह मेंबर उतने पोर्सन का मालिक होगा। लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप में कोई मिनिमम कैपिटल की रिक्वायरमेंट नहीं है।

कंपनी रजिस्ट्रेशन के वक्त सभी शेयर होल्डर्स के शेयर सब्सक्राइब होने चाहिए। कंपनी का ईमेल और कंपनी एक सभी मेम्बर के ई मेल आईडी और उनके मोबाइल नंबर्स ओर इसके अलावा मैन ऑब्जेक्ट ऑफ कंपनी डिक्लेयर करनी पड़ेगी। पैन और आधार, बैंक स्टेटमेंट, ऑफिस एड्रैस या कम्यूनिकेशन एड्रेस भी जरूरी है।

अगर कंपनी रजिस्ट्रेशन की कोई जानकारी नहीं है तो किसी लीगल एडवाइजर कंपनी सेक्रेटरी या CA से बात कर सकते है। साथ ही कंपनी के नाम पे GST रजिस्ट्रेशन भी होना चाहिए। अगर ईयरली टर्नओवर 20 लाख से कम है, फिर भी जीएसटी नंबर ले लीजिए, क्योंकि बिलिंग करते समय कंपनी के डॉक्युमेंट्स पर टैक्स ओर लीगल काम करते समय या मार्केटिंग के दौरान भी GST चाहिए होगी।

अगर आप टेक्निकल बैकग्राउंड से हैं और आपने गेम डेवलपमेंट, ग्राफिक डिजाइनिंग ओर एनिमेशन की पढ़ाई की है, गेम डेवलपर के तौर पर काम कर रहे हैं तो आप अपनी खुद की कंपनी शुरू कर सकते हैं। कंपनी का ऑफिस, रजिस्ट्रेशन, मैनपावर, वेबसाइट डेवलपिंग सिस्टम्स, सॉफ्टवेयर सेल्स मार्केटिंग बहुत सारी चीजें हैं, जिनसे आपको खर्चा करना पड़ेगा। इसीलिए फाउंडर, को फाउंडर CEO के तौर पर आपका मेन मोटिव होना चाहिए पैसा। कंपनी में इनवेस्टमेंट होने पर ही कंपनी आगे बढ़ेगी।

कैपिटल | कंपनी बनाने का खर्चा

बात करें कैपिटल की तो कम से कम 10 से 15 लाख में एक गेमिंग कंपनी चार पाँच लोगों के साथ शुरू की जा सकती है, जिसमें 4 से 5 डेवलपर और एक मार्केटिंग का बंदा चाहिए होगा।

सबकी सैलरी ऑफिस का रेट और जितने तरह के खर्चे हैं उन्हें मिलाकर के अगर आप महीने के 2 से 2.5 लाख खर्चा कर रहे हैं तो आपको कम से कम 3 से 5 लाख का इनकम लाना पड़ेगा। कंपनी खोलते ही आपकी इनकम होने लगेगी। ऐसा नहीं है। इसलिए अपना पेशेंस लेवल को हाई रखें ताकि आने वाले 5 से 10 सालों में कंपनी को एक प्रॉफिटेबल आउटपुट तक पहुंचाया जाए।

वैसे गेमिंग कंपनी मेनली दो तरीकों से चलती है। अपना गेम डवलप कीजिए और बेचे। इसलिए अपनी खुद की गेम बनाते हैं और मार्केट में लाते हैं। पर इसका द्रो बैक यह है कि अगर आपके बनाए गए गेम ना चले तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। सिचुएशन खराब हुई तो कंपनी बंद हो सकती है। दूसरों के लिए गेम डवलप भी आप कर सकते हैं। गेम ग्रुपिंग कंपनी के तौर पर आप दूसरों के लिए गेम बना सकते हैं। इससे प्रोजेक्ट के तौर पर आपको आपकी फीस मिलेगी पर गेम हिट या फ्लॉप होने पे आपको डायरेक्ट कोई लॉस नहीं होगा और अगर आपका डवलप किया हुआ गेम लोगों को पसंद आया तो मार्केट से आपको और भी प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं।

गेमिंग कंपनी के लिए आपको टीम भी हायर करनी पड़ेगी। कम से कम दो लोगों को तो काम पर रखना ही पड़ेगा, जिनमें एक बंदा गेम के ऐसेट बनाएगा और दूसरा उनकी कोडिंग करेगा और प्लॉट डिजाइन करेगा तो आप जरूरत के हिसाब से एम्पलॉयीज बढ़ा भी सकते हैं। जैसे सक्सेसफुल गेमिंग कंपनी में गेम, डेवलपर गेम, डिजाइनर, कैरेक्टर एनिमेटर, ग्राफिक डिजाइनर, गेम टेस्टर जैसे प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ती है तो अपनी ज़रूरत और समझ के हिसाब से आप इन्हें हायर कीजिए और काम शुरू कर दीजिए।

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कंपनी शुरू होने के बाद आपको क्लाइंट्स ढूंढने पड़ेंगे जो खुद कोई गेमिंग कंपनी हो सकती है, जिनके प्रोजेक्ट लेकर के उन्हें उनकी रिक्वायरमेंट के हिसाब से डिलिवरी दे सकते हैं। कोई एजुकेशनल पोर्टल हो सकता है जो गेमिंग के जरिये बच्चों को सिखाते हैं या फिर कोई एनिमेशन एनबीए स्टूडियो हो सकता है।

गेमिंग क्रिएटिव आर्ट है जहां पर अलग तरह की सोच दिखानी पड़ती है जैसे कॉन्सेप्ट क्या होगा? गेम आगे कैसे बढ़ेगा? उसमें क्या क्या पिक्चर्स होंगे? कैसे लेवल्स होंगे> बैकग्राउंड क्या होगा? कैरेक्टर्स कैसे होंगे? गेम एडवेंचरस होगा या फनी होगा? इस तरह के क्राइटेरिया होते हैं। क्लाइंट की रिक्वायरमेंट समझ कर के आपको आउटपुट देना होता है।

गेमिंग कंपनी बनाने मे कितना समय लगेगा

एक गेम डेवलप करने में 1 से 2 महीने से लेकर के 1 से 2 साल का समय भी लग सकता है। इसलिए क्लाइंट की डेडलाइन भी आपको फॉलो करनी पड़ती है। हिट गेमिंग का कोई फॉर्मूला नहीं है। अगर आपकी कंपनी खुद के रिसोर्सेज से गेम डवलप कर रही है तो आपको कोशिश करते रहना होगा। एक या दो गेम के फ्लॉप हो जाने पर आप ये कोशिश बंद न करें और डेवलपिंग का प्रोसेस कंटीन्यू रखें। जैसे हिट मूवीजबनाने का कोई फार्मूला नहीं है। गेमिंग में भी ऐसा ही होता है। आपको नहीं मालूम होता है कि कौन सा गेम लोगों को पसंद आएगा। एग्री बोर्ड को जिस कंपनी ने बनाया है वो पहले 50 से ज्यादा गेम्स बना चुके थे। उसके बाद एग्री बोर्ड हिट साबित हुआ

रिसोर्स ओर डेवलपमेंट

रिसोर्स ओर डेवलपमेंट की अगर बात करें तो हर सेक्टर की तरह ही गेमिंग इंडस्ट्री भी एडवांस होती जा रही है। इसलिए आपको मार्केट में टिके रहने के लिए अपने गेम को इनोवेटिव और इंगेजिंग बनाना पड़ेगा और इसलिए मार्केट में किस तरह के गेम्स की डिमांड है। आपकी अपनी Usp क्या होगी? कॉम्पिटिशन वाले किस तरह के गेम डवलप कर रहे हैं। अगर आपका एक्जिस्टिंग गेम मोडिफिकेशन मांगता है तो जरूरी चेंजेस करना इन सबसे आपको रिसोर्स एंड डेवलपमेंट करते रहना होगा। अपने इम्प्लॉइ की ट्रेनिंग ओर लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ कंपनी को अपग्रेड जैसी चीजों पर फोकस करना होगा।

पैसा कैसे कमाए

कंपनी जब अपना कोई गेम बना लेगी तो उसे आपको ऑनलाइन लॉन्च करना होगा ताकि ऑनलाइन लोग इसे खेले और आप उससे रेवेन्यू कमा सके।

आप गेम के स्पॉन्सरशिप को बेच सकते हैं। इनके अंदर प्रोडक्ट्स या ब्रैंड इंडोर्समेंट करके भी पैसा कमा सकते हैं।

इसके लिए आपकी मार्केटिंग टीम का स्ट्रॉन्ग होना जरूरी है। ओनलाइन गेम लॉन्च करने से पहले आपके पास एक तगड़ा सर्वर और डेटा बेस सिस्टम होना चाहिए, जो बढ़ते यूजर्स का लोड ले सके ताकि आपका सर्वर क्रैश न हो।

सबस्क्रिप्शन बेसिस पे गेमिंग सर्विस देने पर आपके पास कंपनी के नाम पर बैंक अकाउंट होना चाहिए, जो हर तरह के लीगल ट्रांजेक्शन्स को एक्सेप्ट करता हो। हो सकता है कि ऑनलाइन गेम खेलकर के लोगों को मजा आए तो आप को जरूरी चेंजेस करने पड़ेंगे। गेम के हिट होने पर आप सब्सक्रिप्शन बेस की भी शूटिंग कर सकते हैं। कई बार गेम के कैरेक्टर्स इतने हिट हो जाते हैं कि उनसे जुड़ी चीजें बनकर बिकने लगती हैं। जैसे टीशर्ट, वॉटर बॉटल, बैग्स, टॉयज, रिस्ट वॉच, कैप्स आदि।

अगर आपका गेम हिट हुआ तो आपको भी अपने पास गेम के सभी राइट्स को रिजर्व रखना होगा। हो सकता है कि आपका गेम इतना हिट हुआ कि उसपर मूवी बन जाए। जैसे एंग्री बर्ड के साथ हुआ था। इसीलिए इनोवेटिव आइडियाज और स्टोरीज पे आपको काम करते रहना होगा।

गेमिंग कंपनी बनाने के लिए जरूरी डिग्री

अगर आप 11th या 12th क्लास में साइंस लेकर पढ़ाई कर रहे हैं और गेमिंग में आपका इंटरेस्ट है तो अभी से गेम डेवलपिंग कंपनी खोलने की सोच सकते हैं। इसके लिए आपको क्लास 12th पास करने के बाद B.tech in computer science , B.sc in gaming, animation, and graphics designing ओर Bachelor in filmmaking and animation की पढ़ाई कर सकते है। गेम डवलप करने की सभी बारीकियां सीखने के बाद किसी एक फील्ड में अपनी एक्सपर्टीज़् बढ़ाइए और कोई गेम डेवलपिंग कंपनी के लिए काम कीजिए। 5 से 10 साल का एक्सपीरियंस लेने के बाद आप अपनी गेमिंग कंपनी खोल सकने लायक सभी नॉलेज पा चुके होंगे और फिर आपका काम काफी आसान हो जाएगा।

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